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School Education: स्कूली शिक्षा में बदलाव की बयार, हरियाणा में बच्चे पढ़ेंगे आध्यात्म तो दिल्ली में सीखेंगे खेतीबाड़ी

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Mon, 13 Dec 2021 11:58 AM IST

सार

स्कूल में बच्चों को तनाव दूर भगाने और मानसिक सुदृढ़ता के लिए आध्यात्मिक शिक्षा और विपरीत परिस्थितियों में गुजर-बसर करने एवं आजीविका के लिए बुनियादी कृषि प्रशिक्षण आदि की पहल की जा रही है।

बच्चे पढ़ेंगे आध्यात्म, सीखेंगे खेतीबाड़ी
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

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देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बच्चों को जिंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव से निपटने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। ताकि देश के स्कूलों में भविष्य के लीडर तैयार हो सकें। स्कूल में बच्चों को तनाव दूर भगाने और मानसिक सुदृढ़ता के लिए आध्यात्मिक शिक्षा और विपरीत परिस्थितियों में गुजर-बसर करने एवं आजीविका के लिए बुनियादी कृषि प्रशिक्षण आदि की पहल की जा रही है। इसी क्रम में जहां पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने -वाले स्कूलों में बच्चों साग-फल-सब्जी लगाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाने लगा है तो वहीं, हरियाणा में कॉलेज-विश्वविद्यालयों के बाद अब स्कूलों में भी गीता ज्ञान देने की योजना है। 

अभी 30 स्कूलों में ट्रायल, जल्द सभी में शुरू करेंगे : चेयरमैन

पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से संचालित स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कृषि और बागवानी का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए 30 स्कूलों में किचन गार्डन तैयार किए गए हैं। जल्द ही ऐसा निगम के सभी स्कूलों में किया जाएगा।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम की एजुकेशन कमेटी के चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेतीबाड़ी का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इन किचन गार्डन में बच्चों को फल-सब्जी उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे जागरूक हों और अपने घर पर भी ऐसे प्रयोग करें। इससे न केवल प्रकृति के प्रति उनका लगाव बढ़ेगा बल्कि ताजा फल-सब्जी उन्हें अपने घर में और स्कूल में भी मिल सकेंगी। स्कूल में उगने वाले फल और सब्जी का उपयोग बच्चों के मिड डे मील में किया जाएगा। साथ ही इनके पोषक तत्वों के बारे में बच्चों को जानकारी भी दी जाएगी। 

कुरुक्षेत्र में बोले सीएम, स्कूलों में भी मिलेगा गीता ज्ञान

हरियाणा के स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ ही गीता ज्ञान भी मिलेगी। स्कूलों में बच्चों को श्रीमद्भागवद्गीता के ‘श्लोक’ सुनाना सिखाया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता से संबंधित पुस्तकें कक्षा 5वीं और 7वीं के पाठ्यक्रम का हिस्सा बन जाएंगी। उन्होंने अपील की कि युवाओं को गीता के सार को अपने जीवन में उतारना चाहिए क्योंकि पवित्र ग्रंथ का संदेश केवल अर्जुन के लिए नहीं बल्कि हम सभी के लिए दिया गया है। 

महाभारत-थीम वाला संग्रहालय भी बन रहा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जानकारी दी कि ज्योतिसर स्थित ‘गीतास्थली’ में दो एकड़ भूमि पर 205 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत-थीम वाला संग्रहालय बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस भवन में श्रीमद्भागवद्गीता, पौराणिक सरस्वती नदी और वैदिक सभ्यता को मल्टीमीडिया सिस्टम के माध्यम से दर्शाया जाएगा। वहीं रामलीला की तर्ज पर अगले वर्ष से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान छह दिवसीय कृष्ण उत्सव का भी आयोजन किया जाएगा।

विस्तार

देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बच्चों को जिंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव से निपटने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। ताकि देश के स्कूलों में भविष्य के लीडर तैयार हो सकें। स्कूल में बच्चों को तनाव दूर भगाने और मानसिक सुदृढ़ता के लिए आध्यात्मिक शिक्षा और विपरीत परिस्थितियों में गुजर-बसर करने एवं आजीविका के लिए बुनियादी कृषि प्रशिक्षण आदि की पहल की जा रही है। इसी क्रम में जहां पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने -वाले स्कूलों में बच्चों साग-फल-सब्जी लगाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाने लगा है तो वहीं, हरियाणा में कॉलेज-विश्वविद्यालयों के बाद अब स्कूलों में भी गीता ज्ञान देने की योजना है। 

अभी 30 स्कूलों में ट्रायल, जल्द सभी में शुरू करेंगे : चेयरमैन

पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से संचालित स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कृषि और बागवानी का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए 30 स्कूलों में किचन गार्डन तैयार किए गए हैं। जल्द ही ऐसा निगम के सभी स्कूलों में किया जाएगा।


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