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Rohtak News: दुष्कर्म पीड़ित बनी मां, आरोपी बोला- मैं शादी करना चाहता हूं, DNA टेस्ट भी करवा लो


सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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महिला संरक्षण आवास में रह रही दुष्कर्म पीड़ित लड़की मां बन गई है, जो पहले नाबालिग थी लेकिन अब बालिग हो गई है। जेल में बंद आरोपी ने याचिका दायर कर कहा है कि वह लड़की से शादी करना चाहता है। साथ ही डीएनए टेस्ट करवाने को भी तैयार है। उसे स्थायी जमानत दी जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस के बाद आरोपी को स्थायी जमानत नहीं दी लेकिन एक लाख की जमानत राशि पर 15 दिन की अंतरिम जमानत दी है। 

बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि जनवरी 2022 में एक व्यक्ति ने थाने केस दर्ज कराया कि उसकी 17 साल की बेटी जनवरी में दुकान पर सामान लेने गई थी लेकिन नहीं लौटी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित नाबालिग थी, इसलिए केस में अपहरण की धारा के अलावा धारा 363, 366ए, 376, 4 पॉक्सो एक्ट व एससी-एसटी एक्ट भी जोड़ा गया। हालांकि पीड़ित ने अदालत में कहा था कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी। 

अब अपने परिवार के साथ भी नहीं रहना चाहती। अदालत ने उसे नारी निकेतन भेज दिया था। जबकि आरोपी को न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेजा गया। इसी बीच पता चला कि लड़की सात माह की गर्भवती है। उसने अब बच्चे को जन्म दिया है। अदालत में आरोपी के वकील ने याचिका दायर कर बताया कि लड़का व लड़की एक-दूसरे से प्यार करते हैं। साथ ही अब दोनों बालिग हो चुके हैं। शादी भी करना चाहते हैं।

यही कारण है कि लड़की ने अब तक आरोपी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। अब लड़की मां बन गई है। आरोपी न केवल लड़की से शादी करना चाहता है बल्कि डीएनए टेस्ट कराने को भी तैयार है। अदालत ने आरोपी को एक लाख के निजी मुचलके पर 15 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है।

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महिला संरक्षण आवास में रह रही दुष्कर्म पीड़ित लड़की मां बन गई है, जो पहले नाबालिग थी लेकिन अब बालिग हो गई है। जेल में बंद आरोपी ने याचिका दायर कर कहा है कि वह लड़की से शादी करना चाहता है। साथ ही डीएनए टेस्ट करवाने को भी तैयार है। उसे स्थायी जमानत दी जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस के बाद आरोपी को स्थायी जमानत नहीं दी लेकिन एक लाख की जमानत राशि पर 15 दिन की अंतरिम जमानत दी है। 

बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि जनवरी 2022 में एक व्यक्ति ने थाने केस दर्ज कराया कि उसकी 17 साल की बेटी जनवरी में दुकान पर सामान लेने गई थी लेकिन नहीं लौटी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित नाबालिग थी, इसलिए केस में अपहरण की धारा के अलावा धारा 363, 366ए, 376, 4 पॉक्सो एक्ट व एससी-एसटी एक्ट भी जोड़ा गया। हालांकि पीड़ित ने अदालत में कहा था कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी। 

अब अपने परिवार के साथ भी नहीं रहना चाहती। अदालत ने उसे नारी निकेतन भेज दिया था। जबकि आरोपी को न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेजा गया। इसी बीच पता चला कि लड़की सात माह की गर्भवती है। उसने अब बच्चे को जन्म दिया है। अदालत में आरोपी के वकील ने याचिका दायर कर बताया कि लड़का व लड़की एक-दूसरे से प्यार करते हैं। साथ ही अब दोनों बालिग हो चुके हैं। शादी भी करना चाहते हैं।

यही कारण है कि लड़की ने अब तक आरोपी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। अब लड़की मां बन गई है। आरोपी न केवल लड़की से शादी करना चाहता है बल्कि डीएनए टेस्ट कराने को भी तैयार है। अदालत ने आरोपी को एक लाख के निजी मुचलके पर 15 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है।




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