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HSGPC के इलेक्शन की तैयारी में हरियाणा सरकार: CM बोले- गर्वमेंट जल्द बनाएगी कमीशन या अथॉरिटी, दादूवाल को हटा झिंडा बन चुके अध्यक्ष

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चंडीगढ़36 मिनट पहले

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हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (HSGPC) में अध्यक्ष पद के चल रहे विवाद के हरियाणा CM मनोहर लाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार जल्द ही एचएसजीपीसी के इलेक्शन कराने जा रही है। इसके लिए गर्वमेंट जल्दी ही कमीशन या अथॉरिटी का गठन करेगी। जगदीश सिंह झिंडा ने बलजीत सिंह दादूवाल को एचएसजीएमसी के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। झिंडा ने दावा किया है कि 35 में से 33 सदस्यों ने उनके पक्ष में वोट किया है।
सभी गुरुद्वारों की होगी अपनी कमेटी
SC के फैसले से पहले HSGPC के पास केवल चार-पांच ऐतिहासिक गुरुद्वारे ही थे, लेकिन फैसले के बाद हरियाणा के सभी 52 गुरुद्वारे आ गए हैं। CM मनोहर लाल ने कहा है कि सभी गुरुद्वारों की अपनी कमेटी होगी, लेकिन वे एचएसजीपीसी की देखरेख में सामाजिक कार्य करेंगे।

अधिनियम के तहत होंगे चुनाव
CM मनोहर लाल ने कहा कि एक अलग गुरुद्वारा प्रबंधन समिति का मामला लंबे समय से शीर्ष अदालत में लंबित था और अब इसने हरियाणा के अधिनियम को मंजूरी दे दी है। अब सरकार इसके लिए एक आयोग या प्राधिकरण बनाएगी। उसके बाद एचएसजीपीसी के लिए चुनाव अधिनियम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
मुझे 33 स्दस्यों ने बनाया अध्यक्ष: झिंडा
HSGMC के पूर्व अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा का कहना है कि मुझे 35 सदस्यों में से 33 ने अध्यक्ष मनोनीत किया है। अध्यक्ष चुनाव को लेकर हुई बैठक में 26 सदस्य उपस्थित थे, जबकि अन्य ने वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी सहमति दी।

मेरे कार्यकाल में अभी 6 माह शेष: दादूवाल
HSGMC के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि मुझे कमेटी के 35 सदस्यों ने ढाई साल के लिए चुना है। मेरे कार्यकाल के छह महीने अभी भी बाकी हैं। यह एक राज्य निकाय है, जिसे शीर्ष अदालत ने भी मंजूरी दे दी है।
इस नियम से हुआ बदलाव
HSGMC के 2014 के तहत अध्यक्ष सहित किसी भी पदाधिकारी को हटाने की प्रक्रिया है। अधिनियम के अनुच्छेद 17 की उप-धारा 2 (C) में कहा गया है कि राष्ट्रपति या किसी पदाधिकारी को सामान्य सदन के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करके हटाया जा सकता है। खंड C के लिए कोई प्रस्ताव तब तक पेश नहीं किया जाएगा जब तक कि समिति के कम से कम 15 सदस्यों द्वारा इसका समर्थन नहीं किया जाता और संकल्प को पेश करने के लिए 15 दिन के नोटिस की आवश्यकता नहीं होती।

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