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Haryana: सरकार ने 3500 से वेतन बढ़ा 7000 किया, मगर 40 हजार मिड-डे मील कुक को पांच माह से नहीं मिला


सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : सोशल मीडिया

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हरियाणा के 40 हजार मिड-डे मील कुक को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। सरकार ने अप्रैल में इनके वेतन में 3500 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इससे पहले इन्हें 3500 रुपये ही मिलते थे। कागजों में तो वेतन बढ़कर 7000 रुपये हो गया लेकिन खाते में अभी तक एक बार भी नहीं आया। केंद्र सरकार से पीएम शक्ति पोषण योजना के तहत हरियाणा को 25 प्रतिशत शेयर भी इस वित्त वर्ष में अभी तक नहीं मिला है।

स्कूल शिक्षा विभाग की स्थिति यह है कि वह पीएम शक्ति पोषण योजना का अलग बैंक खाता भी नहीं खुलवा सका है। जिससे कुकिंग लागत व राशन इत्यादि के पैसे भी एक खाते में नहीं आ रहे। विभाग कभी किसी तो कभी किसी खाते में राशि डाल रहा है। वेतन न मिलने पर कुक के सामने वित्तीय संकट गहराया हुआ है, वे डीईईओ के समक्ष कई बार गुहार लगा चुके हैं। 

उन्होंने आग्रह किया है कि 7000 की जगह 3500 रुपये ही दे दिए जाएं। 3500 रुपये एरियर के तहत सरकार बाद में खाते में डाल दे। चूंकि, इस महीने दिवाली के अलावा अन्य त्योहार भी हैं। उन्हें घर चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार पांच महीने का वेतन बिना देरी के जारी करे।

प्रदेश में सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक 25 बच्चों पर एक, 100 पर दो, 200 पर 3, 400 पर पांच और 400 से ऊपर बच्चों पर छह कुक की व्यवस्था की हुई है। फरीदाबाद व कुरुक्षेत्र में खाना तो इस्कॉन संस्था देती है लेकिन उसे परोसते कुक ही हैं। इसलिए इन दोनों जिलों में भी कुक का वेतन विभाग ही देता है। इनके सामने दिक्कत यह है कि इस वर्ष वर्दी के भी 600 रुपये नहीं मिले हैं। साथ ही मेडिकल करवाने के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है, जिसमें एक बार में 500 रुपये खर्च हो जाते हैं। उनकी मांग है कि सीएचसी और पीएचसी स्तर पर ही मेडिकल की व्यवस्था की जाए।

विभाग से मांगी जाएगी रिपोर्ट: कंवर पाल
शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणाओं को वित्त विभाग की मंजूरी के बाद तुरंत अमल में लाया जाता है। मिड-डे मील का किन कारणों से स्कूल शिक्षा विभाग वेतन जारी नहीं कर रहा, इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों से मांगी जाएगी। उनकी समस्याओं का समाधान करने का पूरा प्रयास करेंगे। 

विस्तार

हरियाणा के 40 हजार मिड-डे मील कुक को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। सरकार ने अप्रैल में इनके वेतन में 3500 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इससे पहले इन्हें 3500 रुपये ही मिलते थे। कागजों में तो वेतन बढ़कर 7000 रुपये हो गया लेकिन खाते में अभी तक एक बार भी नहीं आया। केंद्र सरकार से पीएम शक्ति पोषण योजना के तहत हरियाणा को 25 प्रतिशत शेयर भी इस वित्त वर्ष में अभी तक नहीं मिला है।

स्कूल शिक्षा विभाग की स्थिति यह है कि वह पीएम शक्ति पोषण योजना का अलग बैंक खाता भी नहीं खुलवा सका है। जिससे कुकिंग लागत व राशन इत्यादि के पैसे भी एक खाते में नहीं आ रहे। विभाग कभी किसी तो कभी किसी खाते में राशि डाल रहा है। वेतन न मिलने पर कुक के सामने वित्तीय संकट गहराया हुआ है, वे डीईईओ के समक्ष कई बार गुहार लगा चुके हैं। 

उन्होंने आग्रह किया है कि 7000 की जगह 3500 रुपये ही दे दिए जाएं। 3500 रुपये एरियर के तहत सरकार बाद में खाते में डाल दे। चूंकि, इस महीने दिवाली के अलावा अन्य त्योहार भी हैं। उन्हें घर चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार पांच महीने का वेतन बिना देरी के जारी करे।

प्रदेश में सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक 25 बच्चों पर एक, 100 पर दो, 200 पर 3, 400 पर पांच और 400 से ऊपर बच्चों पर छह कुक की व्यवस्था की हुई है। फरीदाबाद व कुरुक्षेत्र में खाना तो इस्कॉन संस्था देती है लेकिन उसे परोसते कुक ही हैं। इसलिए इन दोनों जिलों में भी कुक का वेतन विभाग ही देता है। इनके सामने दिक्कत यह है कि इस वर्ष वर्दी के भी 600 रुपये नहीं मिले हैं। साथ ही मेडिकल करवाने के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है, जिसमें एक बार में 500 रुपये खर्च हो जाते हैं। उनकी मांग है कि सीएचसी और पीएचसी स्तर पर ही मेडिकल की व्यवस्था की जाए।

विभाग से मांगी जाएगी रिपोर्ट: कंवर पाल

शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणाओं को वित्त विभाग की मंजूरी के बाद तुरंत अमल में लाया जाता है। मिड-डे मील का किन कारणों से स्कूल शिक्षा विभाग वेतन जारी नहीं कर रहा, इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों से मांगी जाएगी। उनकी समस्याओं का समाधान करने का पूरा प्रयास करेंगे। 




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