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Haryana: विधानसभा का मानसूत्र सत्र आज से, हंगामेदार होने के आसार, विपक्ष उठाएगा विधायकों को धमकी का मामला

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हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। जनहित मुद्दों को लेकर कांग्रेस और इनेलो सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। सत्र को लेकर रविवार रात को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में भाजपा और जजपा विधायकों की बैठक हुई। 

बैठक में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाने और विपक्ष का मजबूती के साथ जवाब देने के लिए रणनीति बनाई गई। वहीं, कांग्रेस ने सोमवार को सत्र से पहले विधायकों की बैठक बुलाई है। बैठक में सरकार पर हमलावर होने का खाका तैयार किया जाएगा। सत्र की खास बात ये रहेगा यह पहला ई-विधानसभा सत्र होगा।

तीन दिन चलने वाले मानसून सत्र में प्रश्नकाल के लिए ड्रा के माध्यम से 120 सवालों का चयन किया गया है। विधानसभा में हर दिन संबंधित मंत्री विधायकों के 20 तारांकित सवालों के जवाब प्रत्यक्ष रूप से देंगे, जिन पर चर्चा होगी। इसके अलावा 20 अतारांकित सवालों के जवाब सरकार की ओर से सदन पटल पर रखे जाएंगे। 

कांग्रेस, इनेलो के अलावा भाजपा और जजपा के विधायकों ने भी कड़े सवाल लगाए हैं और मंत्रियों से जवाब मांगा है। इनमें जलभराव, टूटी सड़क, अवैध कॉलोनियों, रजिस्ट्री मामले समेत कई जनहित के सवाल पूछे हैं। सोमवार को सत्र की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल के साथ होगी। 

विधायकों को धमकी के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस-भाजपा विधायकों को जान से मारने की धमकी और रंगदारी मांगने के मुद्दे पर सदन में चर्चा होगी। कांग्रेस, इनेलो और निर्दलीय विधायकों के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। सरकार की तरफ से तथ्यों के साथ पलटवार की तैयारी है। हरकोका विधेयक को वापस लेने के लिए सरकार की तरफ से सरकारी संकल्प सदन में लाया जाएगा।

इनेलो विधायक अभय चौटाला ने विधायकों को धमकी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव दिया था, जिसे विधानसभा सचिवालय ने ध्यानाकर्षण में बदला है। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू और कांग्रेस के 20 विधायकों ने इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था। उनके प्रस्ताव भी मंजूर कर लिए गए हैं, एक साथ सबके प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

मानसून सत्र की शुरुआत शोक प्रस्ताव पढ़ने के साथ होगी। इसके कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाएगा। प्रश्नकाल संपन्न होने पर कार्य सलाहकार समिति की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट मंजूर होते ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव चर्चा के लिए सदन में चर्चा के लिए लाया जाएगा। विपक्षी विधायक प्रदेश स्तरीय मुद्दों को उठाने के लिए शून्यकाल की मांग कर सकते हैं।

गृह मंत्री अनिल विज की तरफ से सदन में हरकोका को वापस लेने का संकल्प प्रस्तुत किया जाएगा। संगठित अपराध रोकने के लिए यह विधेयक 6 नवंबर 2020 को पारित किया गया था। विधेयक को राज्यपाल ने राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया। हरकोका पर गृह मंत्रालय ने कानून एवं न्याय, वित्त मंत्रालय और राजस्व विभाग की टिप्पणी मांग ली। 

विधेयक में विसंगतियों के साथ ही कुछ बिंदु नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोटोपिक्स सब्सटेंस एक्ट 1985 के प्रावधानों के विपरीत पाए गए। इसके बाद गृह मंत्रालय ने विधयेक हरियाणा सरकार को वापस लेने के लिए भेजा है। सरकार सोमवार को विधानसभा में दंड प्रक्रिया संहिता हरियाणा संशोधन विधेयक को पुनस्थापित करेगी। इसके अलावा हरियाणा नगर पालिका संशोधन विधेयक 2022 पर प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट सदन पटल पर रखेगी।

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हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। जनहित मुद्दों को लेकर कांग्रेस और इनेलो सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। सत्र को लेकर रविवार रात को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में भाजपा और जजपा विधायकों की बैठक हुई। 

बैठक में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाने और विपक्ष का मजबूती के साथ जवाब देने के लिए रणनीति बनाई गई। वहीं, कांग्रेस ने सोमवार को सत्र से पहले विधायकों की बैठक बुलाई है। बैठक में सरकार पर हमलावर होने का खाका तैयार किया जाएगा। सत्र की खास बात ये रहेगा यह पहला ई-विधानसभा सत्र होगा।

तीन दिन चलने वाले मानसून सत्र में प्रश्नकाल के लिए ड्रा के माध्यम से 120 सवालों का चयन किया गया है। विधानसभा में हर दिन संबंधित मंत्री विधायकों के 20 तारांकित सवालों के जवाब प्रत्यक्ष रूप से देंगे, जिन पर चर्चा होगी। इसके अलावा 20 अतारांकित सवालों के जवाब सरकार की ओर से सदन पटल पर रखे जाएंगे। 


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