Haryana

Haryana: अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने ज्वाइन की भारतीय सेना, सैन्य अधिकारियों ने कराई ज्वाइनिंग


अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने ज्वाइन की भारतीय सेना
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ख़बर सुनें

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक विजेता हरियाणा के भिवानी की मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने मंगलवार को भारतीय सेना में बतौर हवलदार ज्वाइनिंग कर ली है। भारतीय सेना को ज्वाइन करने वाली जैस्मिन पहली महिला बॉक्सर बनी हैं। जैस्मिन गुजरात के गांधीनगर में नेशनल गेम्स में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए गई हुई थी। जहां पर सेना के अधिकारियों ने ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी की।

 

इस टूर्नामेंट के बाद जैस्मिन सेना की तरफ से ही खेलेंगी। जैस्मिन के चाचा संदीप कोच ने बताया कि अंतर राष्ट्रीय जैस्मिन लंबोरिया को सेना की ओर से हवलदार की नौकरी के लिए प्रस्ताव आया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने सेना ज्वाइन की है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जैस्मिन के नाम सेना की पहली महिला बॉक्सर होने का खिताब पाया है। इस संबंध में सेना के ट्विटर अकाउंड से भी सूचना जारी की है।

यह भी पढ़ें : छह साल के मासूम की मौत: पिता के साथ कैंटर में मिट्टी भराई के लिए गया था, रेत के नीचे दबने से गई जान 

विश्व चैंपियन को हराकर बनाई विशेष पहचान
हालुवास गेट क्षेत्र में महताब दास की ढाणी में 30 अगस्त 2001 में जन्मी बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया (20) ने वर्ष 2016 में चाचा प्रविंद्र और संदीप के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग शुरू की। जैस्मिन 60 किलोग्राम भारवर्ग की मुक्केबाज हैं। जैस्मीन फिलहाल पंजाब की एलपीयू से बीपीएड की पढ़ाई कर रही है। चार भाई-बहनों में जैस्मिन तीसरे नंबर पर हैं। उसके पिता जयबीर होमगार्ड हैं और मां जोगेंद्र कौर गृहिणी है। जैस्मिन के पिता जयबीर लंबोरिया अनुबंध आधार पर सुरक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। जैस्मिन ने मुक्केबाजी के छह साल के इस सफर में नेशनल से लेकर वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर को हराकर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

जैस्मिन लंबोरिया की प्रमुख उपलब्धियां
जैस्मिन लंबोरिया ने वर्ष 2021 में दुबई में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, वर्ष 2021 में बॉक्सम इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल, वर्ष 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता।

देश की सेना में ज्वाइनिंग मेरे लिए गौरव के क्षण हैं। अब वर्ष 2023 में होने वाले एशियान और ओलंपिक गेम्स की तैयारी के लिए रिंग में पसीना बहाना है। सेना में अनुशासन भी सीखने को मिलेगा। इस टूर्नामेंट के बाद सेना की तरफ से ही देश का प्रतिनिधित्व करूंगी। मेरे लिए गौरवांवित पल है कि मैं देश की पहली महिला मुक्केबाज हूं, जिसे सेना ज्वाइन की है। – अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया। 

विस्तार

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक विजेता हरियाणा के भिवानी की मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने मंगलवार को भारतीय सेना में बतौर हवलदार ज्वाइनिंग कर ली है। भारतीय सेना को ज्वाइन करने वाली जैस्मिन पहली महिला बॉक्सर बनी हैं। जैस्मिन गुजरात के गांधीनगर में नेशनल गेम्स में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए गई हुई थी। जहां पर सेना के अधिकारियों ने ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी की।

 

इस टूर्नामेंट के बाद जैस्मिन सेना की तरफ से ही खेलेंगी। जैस्मिन के चाचा संदीप कोच ने बताया कि अंतर राष्ट्रीय जैस्मिन लंबोरिया को सेना की ओर से हवलदार की नौकरी के लिए प्रस्ताव आया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने सेना ज्वाइन की है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जैस्मिन के नाम सेना की पहली महिला बॉक्सर होने का खिताब पाया है। इस संबंध में सेना के ट्विटर अकाउंड से भी सूचना जारी की है।

यह भी पढ़ें : छह साल के मासूम की मौत: पिता के साथ कैंटर में मिट्टी भराई के लिए गया था, रेत के नीचे दबने से गई जान 

विश्व चैंपियन को हराकर बनाई विशेष पहचान

हालुवास गेट क्षेत्र में महताब दास की ढाणी में 30 अगस्त 2001 में जन्मी बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया (20) ने वर्ष 2016 में चाचा प्रविंद्र और संदीप के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग शुरू की। जैस्मिन 60 किलोग्राम भारवर्ग की मुक्केबाज हैं। जैस्मीन फिलहाल पंजाब की एलपीयू से बीपीएड की पढ़ाई कर रही है। चार भाई-बहनों में जैस्मिन तीसरे नंबर पर हैं। उसके पिता जयबीर होमगार्ड हैं और मां जोगेंद्र कौर गृहिणी है। जैस्मिन के पिता जयबीर लंबोरिया अनुबंध आधार पर सुरक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। जैस्मिन ने मुक्केबाजी के छह साल के इस सफर में नेशनल से लेकर वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर को हराकर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

जैस्मिन लंबोरिया की प्रमुख उपलब्धियां

जैस्मिन लंबोरिया ने वर्ष 2021 में दुबई में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, वर्ष 2021 में बॉक्सम इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल, वर्ष 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता।

देश की सेना में ज्वाइनिंग मेरे लिए गौरव के क्षण हैं। अब वर्ष 2023 में होने वाले एशियान और ओलंपिक गेम्स की तैयारी के लिए रिंग में पसीना बहाना है। सेना में अनुशासन भी सीखने को मिलेगा। इस टूर्नामेंट के बाद सेना की तरफ से ही देश का प्रतिनिधित्व करूंगी। मेरे लिए गौरवांवित पल है कि मैं देश की पहली महिला मुक्केबाज हूं, जिसे सेना ज्वाइन की है। – अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया। 




Source link

Related Articles

Back to top button