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3 दिन भारी बारिश का अलर्ट: शहर को जलभराव से बचाने के लिए अधिकारियों की 18 टीमें बनाई, जरूरत पड़ी तो पोकलेन उतारी जाएगी

यमुनानगरएक घंटा पहले

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यमुनानगर| बारिश की चेतावनी के पहले मंगलवार को नगर निगम की ओर से जेसीबी से कराई गई नाले की सफाई।

  • जलभराव के लिए बदनाम है जिला, निगम ने नालों की सफाई पर खर्च किए सवा करोड़

मौसम विभाग ने प्रदेश के जिन छह जिलों में छह, सात और आठ जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी है, उसमें यमुनानगर भी है। यमुनानगर शहर बारिश में जलभराव के लिए बदनाम है। नगर निगम ने 91 किलोमीटर के नालों की सफाई के लिए सवा करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश में जलभराव से शहर वासियों को कोई राहत नहीं मिली लेकिन छह, सात और आठ जुलाई काे होने वाली भारी बारिश में लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए नगर निगम कमिश्नर ने खास प्लानिंग बनाई है। नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की 18 जाइंट टीमें बनाई गई हैं जोकि बारिश में जहां पर भी जलभराव होगा, वहां तुरंत पहुंचेगी और देखेंगी कि वहां जल्द से जल्द किस तरह से रिलीफ दिया जाए। वहीं नगर निगम ने 15 पंपसेट तैयार किए हैं जहां भी जलभराव होगा, उन्हें वहां इंस्टॉल कर दिया जाएगा। प्राइवेट एजेंसी के 150 कर्मचारी बारिश के बीच नालों पर ही तैनात रहेंगे।

वे बारिश के बीच नाले के फ्लो को बनाने के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही तीन अर्थमूविंग मशीन तैनात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो एक पोकलेन भी तैयार रखी गई है। इस तरह से भारी बारिश की चेतावनी के बीच नगर निगम ने कड़े इंतजाम किए हैं। हालांकि भारी बारिश में शहर में जलभराव को रोकना आसान नहीं है। निगम कमिश्नर आयुष सिन्हा का कहना है कि इस बार पूरी तैयार है कि जलभराव न होने दिया जाए। अगर कहीं पर होता है तो वहां से जल्द से जल्द पानी निकालने का काम किया जाएगा। 18 जॉइंट टीमें इसके लिए बना दी गई हैं।

मेयर मदन चौहान, अतिरिक्त निगमायुक्त धीरज कुमार समेत अन्य कर्मचारी नालों पर चल रहे सफाई के काम का दौरा करने पहुंचे। वहीं उन्होंने बारिश में जलभराव से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की भी जानकारी ली। कन्हैया साहिब चौक पर सीवरेज सिस्टम, विश्वकर्मा चौक स्थित नाले की पुलिया, रादौर रोड पर आईपीएस, शुगर मिल के पास पुराना हमीदा की तरफ जा रहे बड़े नाले का निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई अधिकारियों व एजेंसी को निर्देश दिए कि जोन के सभी नालों एवं नालियों की बेहतर सफाई करें ताकि कहीं भी बारिश होने पर जलभराव न हो। मेयर मदन चौहान ने कहा कि जलभराव से निपटने के लिए दो जोन बनाकर नालों की सफाई कराई जा रही है।

सभी नालों को सही तरीके से साफ किया जा रहा है। जिन स्थानों पर जलभराव होने की संभावना है। वहां पर पंपसेट लगाए गए हैं ताकि जलभराव होने पर वहां से समय रहते पानी निकासी की जा सके। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे घर, दुकान व ऑफिस से निकलने वाले कचरे को नालों में न डालें। उन्होंने बताया कि हाल में हुई बारिश के दौरान उन्होंने नालों से कुर्सियों व सोफे के गद्दे, भारी मात्रा में पॉलीथिन व अन्य ठोस पदार्थ निकलवाए। नालों की जालियों में

फंसने से नाला ओवरफ्लो हो जाता है जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।

नालों की दूसरे चरण की सफाई चल रही
नगर निगम की ओर से नालों की सफाई के लिए शहर को दो जाेन में बांटा गया है। दोनों जोन के नालों की तीन चरण में सफाई की प्लानिंग है। पहले चरण की सफाई हो चुकी है। नालों से दो से तीन इंच तक गंदी निकाली गई। वहीं अब दूसरे चरण की सफाई चल रही है जोकि काफी हद तक पूरी हो चुकी है। वहीं तीसरे चरण की सफाई कुछ दिनों के बाद चलेगी।
सबसे बड़ी समस्या जगाधरी के पुराने नाले की है
जगाधरी से शुरू होने वाला सबसे बड़ा और पुराना नाला सबसे ज्यादा दिक्कत पैदा करता है। यह नाला जगाधरी से शुरू होगा जम्मू कॉलोनी डिच ड्रेन तक जाता है। शहर के जिस एरिया से यह निकल रहा है, वहां ही जलभराव होता है। इस नाले पर कई जगह कब्जे हो रखे हैं और कई जगह मोड़ हैं, जिससे पानी का फ्लो नहीं बन पाता। नगर निगम को सबसे ज्यादा इसी नाले पर जोर लगाना पड़ता है।

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