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हरियाणा के गुरुद्वारों को बादल परिवार से मुक्ति मिली: जींद में बोले दादूवाल- 60 प्रतिशत पैसा साथ ले जाते थे; प्रबंधन को लेकर गुटबाजी नहीं


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जींद34 मिनट पहले

जींद में पत्रकारों से बातचीत करते बलजीत सिंह दादूवाल।

हरियाणा सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के कार्यकारी अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि एसजीपीसी द्वारा हरियाणा के गुरुद्वारों के लिए कुछ नहीं किया गया। यहां के कर्मचारियों को तनख्वाह तक नहीं दी गई और न ही बढ़ाई गई। सारा पैसा वो पंजाब लेकर चले जाते थे। उन्होंने पदभार संभालते ही कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाने का काम किया और जो भी प्रबंधन में कमियां थी उन्हें दूर करने का काम किया। अब हरियाणा के गुरुद्वारा का पैसा हरियाणा में ही खर्च होगा। हरियाणा के सिखों और गुरुद्वारों को बादल परिवार से मुक्ति मिल गई है।

बलजीत सिंह दादूवाल शनिवार को जींद के गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने गुरद्वारा प्रबंधन को लेकर हरियाणा में गुटबाजी की बात को नकार दिया। बोले कि हरियाणा में कोई गुटबाजी नहीं है। कुछ लोग हैं जो गुमराह कर रहे हैं। अगर पूर्व प्रधान जगदीश सिंह ढींडसा मुख्यमंत्री से मिले हैं तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं है। क्योंकि हर किसी को मुख्यमंत्री से मिलने का अधिकार है।

दादूवाल ने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि किसी को गुमराह करने का काम ना करें और चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास जताएं। हमें मिल कर समाज को और पंथ को आगे बढ़ाना है, हरियाणा के गुरुद्वारों का विकास करना है। यह कार्य सेवा भाव का है और किसी तरह की कोई राजनीति नहीं करनी है और न ही किसी तरह का कोई टकराव करना है।

आज भी हरियाणा के सिख अकाल तख्त को समर्पित हैं। हरियाणा के गुरुद्वारों का लगभग 150 करोड़ का बजट है जोकि अब हरियाणा में ही खर्च किया जाएगा। इससे पहले बादल परिवार इस बजट का 60 प्रतिशत तक अपने साथ ले जाते थे। हरियाणा के गुरुद्वारों को लेकर ऐलान किए जाते थे लेकिन काम नहीं होते थे। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में जो फैसला दिया है, उसे हरियाणा ही नहीं विदेशों तथा पंजाब के सिखों में खुशी की लहर है।

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