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डॉक्टरों का सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेट: प्रदेशभर के डॉक्टरों ने मांगाें काे लेकर किया प्रदर्शन, बोले- नहीं मानी तो करेंगे हड़ताल

करनाल3 घंटे पहले

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करनाल. प्रदेश के डॉक्टर मांगों को लेकर लघु सचिवालय में नारेबाजी करते हुए।

  • डॉक्टरों की मांगेें एक सप्ताह में पूरी नहीं हुई तो 13 को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी करेंगे बंद

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन की ओर से सीएम सिटी में प्रदेश के डॉक्टरों ने अपनी तीन मांगों को लेकर रेड कारपेट में दिन भर मीटिंग की। मीटिंग में डॉक्टरों ने सरकार से विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग काडर बनाने व पीजी पॉलिसी बनाने व वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर की सीधी भर्ती रोकने की मांग की। मीटिंग मेें डॉक्टरों ने सरकार को संदेश दिया कि डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य न करें। जिससे आगामी दिनों में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जगबीर परमार ने मीटिंग में कहा कि सरकार यदि डॉक्टरों की मांग एक सप्ताह में पूरी नहीं करती है तो वे 13 दिसंबर को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर देंगे। यदि फिर भी सरकार डॉक्टरों की मांग नहीं मानती है तो वे 14 दिसंबर को इमरजेंसी सेवाएं मेडिकल रिपोर्ट व पोस्टमार्टम करना बंद कर देंगे। दोपहर बाद कई डॉक्टर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला को मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपा। डॉक्टरों ने बताया कि 15 दिन पहले हर जिले जिला स्तरीय एसोसिएशन सदस्यों ने विधायक व सांसद को पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन अभी तक सरकार ने डॉक्टरों की मांगे पूरी नहीं की है।

डॉक्टर बोले- हमारी मांगें जायज हैं
मीटिंग में डॉक्टरों ने कहा कि कई सालों पुरानी मांगों को स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री मांगों को पूरी करने को राजी है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टरों की मांगों को पूरी करने को राजी नहीं है। डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांगे जायज हैं जो डॉक्टरों को ही नहीं इससे जनता को सीधा फायदा होगा। इस अवसर पर मीटिंग में डॉ. एमपी सिंह वाइस प्रेजिडेंट व डॉ. संजय वर्मा व अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

सरकार की ओर से तीन मांगें पूरी करने पर मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के जरनल सेक्रेटरी डॉ. राजेश ने बताया कि डॉक्टरों की ये तीन मांगे पूरी होने पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होगी। क्योंकि स्पेशल बीमारी के डॉक्टर मरीजों को मिलने पर अच्छा इलाज मिलेगा, पीजी पॉलिसी से डॉक्टरों को सुविधाएं मिलेगी, युवा डॉक्टर प्रेरित होंगे। सीधी भर्ती रोकने से अनुभव डॉक्टरों को उच्चाधिकारी बनने का मौका मिलेगा।

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