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जगदीश सिंह झींडा बने HSGPC के प्रधान: बोले- बलजीत दादूवाल अब कमेटी अध्यक्ष नहीं, सीएम मनोहर लाल से करेंगे मुलाकात

कुरुक्षेत्र19 मिनट पहले

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हरियाणा के कैथल स्थित नीम साहिब गुरुद्वारा में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठक शनिवार को हुई। बैठक में जगदीश सिंह झींडा को सर्वसम्मति से एचएसजीपीसी का प्रधान बनाया गया है।

नीम साहिब गुरुद्वारा में कई घंटे चली बैठक कमेटी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया। जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि लंबे संघर्ष के पश्चात हरियाणा की अलग कमेटी बन गई। जिससे पूरे हरियाणा की सिख संगत में खुशी की लहर है।

उन्होंने कहा कि मीटिंग में 33 सदस्यों ने कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अमरेंद्र सिंह अरोड़ा को कमेटी का अध्यक्ष चुनने का अधिकार दिया। अरोड़ा ने उनका नाम अध्यक्ष पद के लिए चुना। झींडा ने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल अब एचएसजीपीसी के प्रधान नहीं हैं।

जानकारी देते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा।

जानकारी देते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा।

उन्होंने कहा की कमेटी अब हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिलेगी। कमेटी के इस निर्णय बारे जानकारी देंगे। झींडा ने कहा कि अब हरियाणा के गुरुद्वारों की देख-रेख हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी।

वहीं कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कमेटी के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने लम्बे समय तक इस कमेटी के लिए संघर्ष किया है। कमेटी करनाल में हरियाणा के सीएम से मिलकर जगदीश सिंह झींडा को अध्यक्ष बनाए जाने वाले जानकारी देकर उनका आशीर्वाद लेंगे।

22 साल पहले पड़ी आंदोलन की नींव

हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) को भले ही चार दिन पहले अदालत से कानूनी मान्यता मिली हो, लेकिन इसकी नींव 22 साल पहले ही रखी जा चुकी थी। जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी और कंवलजीत अजराना इस आंदोलन के अगुवा बने थे। अलग कमेटी आंदोलन की लड़ाई का मुख्य मैदान कुरुक्षेत्र बना। खास बात यह है कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एडहॉक की नींव भी कुरुक्षेत्र में रखी गई थी।

8 साल चली कानूनी लड़ाई

हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के लिए कानूनी लड़ाई भी 8 बरस से चल रही थी। सामने थी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर। जिसे अकाली दल का भी सपोर्ट था। सेक्टर-7 स्थित दीदार सिंह नलवी के मकान नंबर-239 में 23 दिसंबर 2001 को 20 लोगों की मीटिंग हुई। तब कार्रवाई रजिस्टर में एडहॉक कमेटी बनाकर इन 20 लोगों के साइन भी हुए। अलग कमेटी के मुद्दे पर प्रदेश के सिख शुरू से दो हिस्सों में बंटे हैं।

14 साल चला आंदोलन

धीरे-धीरे अलग कमेटी की चिंगारी सुलगती रही, लेकिन पहले यह मुद्दा बैठकों तक ही सीमित रहा। इस दौरान जगदीश झींडा भी दीदार सिंह नलवी के साथ जुड़ गए। एडहॉक कमेटी की जनरल बॉडी बनी। कई पदाधिकारी बनाए गए। कंवलजीत को युवा प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। पहले झींडा अध्यक्ष बने। नलवी कन्वीनर बनाए गए। इसके बाद दोनों की राह भी अलग हो गई थी। इसके बाद लड़ाई सड़क पर उतर आई। पूर्व कृषि मंत्री हरमोहिंदर सिंह पर एचएसजीपीसी ने साथ न देने का आरोप लगा उनकी कुरुक्षेत्र में कोठी के बाहर धरना शुरू कर दिया था, जोकि 120 दिन चला। इसके बाद कई बार सड़कें जाम की गईं। 2006 में फिर बड़ा आंदोलन चलाया गया। तब कई दिनों तक रोजाना प्रदेश के सिखों ने गिरफ्तारी दी। कंवलजीत पर गिरफ्तारी के लिए लोग जुटाने व व्यवस्था का जिम्मा था।

वर्ष 2014 में बनाए गए थे 41 मेंबर

जुलाई 2014 को कांग्रेस सरकार ने एचएसजीपीसी का गठन कर दिया। एचएसजीपीसी एक्ट को मंजूरी दी गई। 30 जुलाई 2014 को नोटिफिकेशन भी हो गया। 41 मेंबर बनाए गए, लेकिन एचएसजीपीसी का चुनाव नहीं हुआ। इसी बीच एसजीपीसी अमृतसर के सदस्य जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने एचएसजीपीसी के गठन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर कर दी। अब उक्त याचिका खारिज हो गई है।

विवाद की जड़: गुरुद्वारों का 400 करोड़ बजट

प्रदेश में 72 गुरुद्वारे हैं। 8 मुख्य गुरुद्वारे व 6 हजार एकड़ जमीन एसजीपीसी अमृतसर संभालती है। बाकी लोकल कमेटी संभाल रही हैं। गुरुद्वारों का सालाना 400 करोड़ का टर्नओवर है। आरोप है कि पैसा पंजाब में ही खर्च हो रहा है।

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दादूवाल बोले- हरियाणा के गुरुद्वारों का पैसा हरियाणा में ही खर्च होगा, बादल परिवार 60% पैसा साथ ले जाता था

बलजीत सिंह दादूवाल।

बलजीत सिंह दादूवाल।

बलजीत सिंह दादूवाल ने शनिवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और पंजाब के पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल के परिवार पर जमकर निशाना साधा। दादूवाल ने आरोप लगाया कि दशकों से हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन संभाल रही SGPC ने इन गुरुद्वारों के लिए कुछ भी नहीं किया। SGPC में बादल परिवार अपने दबदबे का फायदा उठाता रहा है। अब हरियाणा के गुरुद्वारों का पैसा हरियाणा में ही खर्च होगा। यह खबर पढ़ने के लिए आप क्लिक कर सकते हैं…

गुरुद्वारा श्रीनाडा साहिब में माथा टेकने पहुंचे सीएम: बोले- प्रदेश के 52 गुरुद्वारो में समाज सेवा के काम होंगे

पंचकूला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में माथा टेकने पहुंचे सीएम मनेाहर लाल।

पंचकूला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में माथा टेकने पहुंचे सीएम मनेाहर लाल।

हरियाणा की एचएसजीपीसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पंचकूला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में माथा टेकने पहुंचे। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब प्रबंधक कमेटी व भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि हरियाणा भर के 52 गुरुद्वारों की देख रेख अब हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी और इन गुरुद्वारों के माध्यम से समाज की सेवा के काम किए जाएंगे। यह खबर पढ़ने के लिए आप क्लिक कर सकते हैं…

हरियाणा की अलग गुरुद्वारा कमेटी पर मुहर:सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिकाएं

4 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार की ओर से वर्ष 2014 में बनाए गए गुरुद्वारा प्रबंधन अधिनियम को सही ठहराया था। जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने हरियाणा सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एक्ट की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। यह खबर पढ़ने के लिए आप क्लिक कर सकते हैं…

HSGPC पर ‘सुप्रीम’ फैसले को कांग्रेस भुनाएगी: अकालियों की मुश्किल बढ़ेगी; भाजपा मान रही संजीवनी

हरियाणा सरकार की ओर से वर्ष 2014 में बनाए गए गुरुद्वारा प्रबंधन अधिनियम पर SC का फैसला हरियाणा-पंजाब की पंथक राजनीति पर सीधा असर करेगा। पंजाब सहित दूसरे राज्यों में पंथक राजनीति के सहारे अकालियों के लिए इस फैसले से मुश्किलें खड़ी होंगी। वहीं भारतीय जाता पार्टी (BJP) इस फैसले को अपने लिए संजीवनी मान रहा है। 2011 के आंकड़ों के अनुसार, दोनों राज्यों में 63 फीसदी सिख आबादी है। यह खबर पढ़ने के लिए आप क्लिक कर सकते हैं…

SGPC की चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में हिस्सा लेते हुए प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी।

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HSGPC पर SGPC टकराव की ओर: सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानने से इनकार

हरियाणा के गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा पास किए गए अलग गुरुद्वारा एक्ट को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने मानने से मना कर दिया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ SGPC की तरफ से अंतरिम कमेटी की विशेष बैठक का आयोजन शुक्रवार चंडीगढ़ में किया गया था। SGPC जल्द ही 30 सितंबर को एक और बैठक अमृतसर में बुलाने जा रही है। यह खबर पढ़ने के लिए आप क्लिक कर सकते हैं…

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