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आज जाटलैंड में राव इन्द्रजीत सिंह की रैली: राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर शक्ति प्रदर्शन; BJP प्रदेशाध्यक्ष ओप्रकाश धनखड़ आएंगे; एक तीर से कई निशाने साधने की तैयारी

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  • Union Minister Rao Inderjit Singh’s Rally In Patoda, Besides BJP State President Oprakash Dhankhar, 2 Ministers, 4 MPs And 4 MLAs Will Be Present On The Stage.

रेवाड़ी2 घंटे पहले

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हरियाणा के झज्जर जिले के गांव पाटौदा में आज केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह की विशाल रैली होने जा रही है। मौका राव तुलाराम के शहीद दिवस का है। इस रैली के जरिए राव इन्द्रजीत सिंह शक्ति प्रदर्शन करके एक तीर से कई निशाने साधेंगे। भाजपा हाईकमान को संदेश देने की कोशिश करेंगे। रैली में प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के अलावा पर प्रदेश सरकार में 2 मंत्री, 4 सांसद व 4 विधायकों को आमंत्रित किया गया हैं। दरअसल, जाटलैंड कहे जाने वाले झज्जर के पाटौदा में महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर हो रही यह रैली कई मायनों में अहम हैं, क्योंकि इलाके के कद्दावर नेता राव इन्द्रजीत सिंह को एक माह पहले अपने ही इलाके में उस वक्त चुनौती मिलती नजर आई, जब केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इलाके में जन आशीर्वाद यात्रा निकाली। मोदी कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद भूपेन्द्र यादव का अहीरवाल में यात्रा करना एक तरह से राव इन्द्रजीत सिंह का विकल्प तैयार होना कहा जा रहा था, जिसका प्रचार भाजपा में ही राव विरोधी खेमे ने किया। लेकिन राव इन्द्रजीत सिंह ने भूपेन्द्र यादव की यात्रा को लेकर कभी कोई बयानबाजी नहीं की। चुप्पी साधने के साथ ही उन्होंने इसका जवाब देने के लिए समय का इंतजार किया, जो आज आ गया है। रैली के लिए पाटौदा गांव के स्टेडियम में बड़ा पंडाल लगाया हैं। रैली में भीड़ जुटाने के लिए राव समर्थित मंत्री, विधायक व नेताओं ने 10 दिनों तक अहीरवाल में खूब पसीना बहाया है। गुरुग्राम से लेकर महेन्द्रगढ़ जिले तक के नेताओं को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। रैली को देखते हुए पुलिस ने भी कड़े इंतजाम किए हैं।

एक जनसभा के दौरान संबोधित करते हुए राव इन्द्रजीत सिंह।

एक जनसभा के दौरान संबोधित करते हुए राव इन्द्रजीत सिंह।

पाटौदा में यादवों का दबदबा, फिर भी राव ने रखी रैली

रैली इसलिए खास हैं, क्योंकि इसका स्थान अबकी बार अहीरवाल की बजाए जाटलैंड कहे जाने वाले झज्जर में हैं, हालांकि जिस पाटौदा गांव में रैली की जा रही है, उसमें यादवों का दबदबा है। राव खुद कह चुके हैं कि वह कोई कुएं के मेंढक थोड़े हैं, जो अपने इलाके तक सीमित रहें। इस रैली के जरिए राव भी हाईकमान को संदेश देना चाहते हैं कि उनकी जड़ें अहीरवाल ही नहीं, बल्कि हरियाणा के दूसरे जिलों में भी जम चुकी हैं। हालांकि रैली की सफलता का आंकलन तो 23 सितंबर को ही हो पाएगा। दरअसल राव की रैली में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को छोड़कर भाजपा के किसी बड़े नेता को आमंत्रित नहीं किया गया हैं। अभी तक जितने भी नेताओं के रैली में शामिल होने के लिए नाम आए हैं, उनमें राव समर्थित मंत्री व विधायक के अलावा उनके नजदीकी सांसद हैं। इस रैली में सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक, महेन्द्रगढ़-भिवानी से सांसद चौधरी धर्मबीर, रोहतक से सांसद डॉ. अरविंद शर्मा, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स के अलावा प्रदेश सरकार में मंत्री रहे डॉ. बनवारी लाल, राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव, कोसली से विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, अटेली से विधायक सीताराम, गुरुग्राम विधायक सुधीर सिंगला व सोहना के विधायक संजय तंवर को आमंत्रित किया गया है। रैली में मुख्य वक्ता केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह होंगे।

एक कार्यक्रम के दौरान राव इन्द्रजीत सिंह।

एक कार्यक्रम के दौरान राव इन्द्रजीत सिंह।

23 सितंबर राव के लिए रहा खास

रामपुरा हाउस के लिए 23 सितंबर का दिन हमेशा से ही खास रहा है। 5 बार सांसद व 4 बार विधायक रहे राव इन्द्रजीत सिंह के सामने जब भी कोई चुनौती आई, उन्होंने हर बार इसी दिन को ताकत दिखाने के साथ ही बड़े फैसले लेने के लिए चुना। वर्ष 2004 से पहले रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को अपनी ताकत दिखाने का समय रहा हो या फिर 23 सितंबर 2012 को पटौदी की रैली। हर बार राव ने विरोधियों को चुनौती देने के लिए इस दिन को चुना। इसके साथ ही 23 सितंबर 2013 के दिन रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में आयोजित रैली के वक्त ही राव इन्द्रजीत सिंह ने कांग्रेस छोड़ने की बात की थी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में शामिल होने के बाद एक बार ही 23 सितंबर के मौके पर राव इन्द्रजीत सिंह ने बड़ी रैली की थी, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री एवं वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बुलाया गया था, लेकिन इस बार रैली में राव ही मुख्य चेहरा होंगे।

एक कार्यक्रम के दौरान राव इन्द्रजीत सिंह।

एक कार्यक्रम के दौरान राव इन्द्रजीत सिंह।

एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश

झज्जर के पाटौदा की होने वाली रैली में राव इन्द्रजीत सिंह एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश करेंगे। एक तरफ रैली में भीड़ जुटाकर खुद को जनाधार वाला नेता बताना और अहीरवाल से बाहर निकलकर बड़ी रैली करने का संदेश देना है। यह रैली भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के विधानसभा क्षेत्र बादली में हो रही है। रैली भी उस वक्त हो रही है, जब जाटलैंड के इलाकों में कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा नेताओं का सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है। झज्जर में खुद ओमप्रकाश धनखड़ का कई बार विरोध हो चुका है। इन सबके बावजूद राव ने रैली करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा झज्जर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा का गढ़ भी कहा जा सकता हैं। भूपेन्द्र हुड्‌डा व राव इन्द्रजीत के बीच कड़वाहट जग जाहिर है। हुडडा के मुख्यमंत्री रहते समय अगर कोई उनका सबसे बड़ा विरोधी रहा तो वह राव इन्द्रजीत सिंह ही थे।

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